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Treatment For Memory

A Healthy Brain and sound Memory are the keystones for Success. Good memory power can be harnessed only by a Healthy Brain.My studies and research on “ Memory and Mental Illness” has, over a period of years led me to cognitively analyse groups of Populations – Toddlers , School Children , Adolescents , Students preparing for Competitions , Lawyers , Teachers , Guardians , Businessmen , Geriatrics etc. The astonishing fact that I discovered was that Failure, if any, amongst the various population studied, could be attributed mainly to the mental and physical state of the person client rather than to actual reduced Memory power.
Thus mental and physical state of the person is the cause, and reduced Memory Power is the effect in most of the cases, except in those few cases where Reduced memory or brain Function has arisen because of certain Pathological Clinical cause.
In a study of school going children, I found that most of the parents thought their children were dull non –competitive or had weak memory power, when they performed badly in studies or in exams, whereas the fact was that in most of such cases, the actual cause of poor performance was either of the below :

Tough syllabus or subject
Maximum time spent on Television or on watching Cartoons.
More interested in Games.
Liked to spend their time with friends for fun and enjoyment.
Nature of postponing the work for tomorrow, etc.

Examination threat, irritation, mental tiredness, lack of self-confidence, physical condition, fear of failure etc, were the many other factors working towards Failure of the student.If these factors could be eliminated through Homeopathic Remedies, Success definitely will ensue. The plus point here is that there would be no side effect at all and therefore can be taken in the long run as well.

Homeopathy has “MIND” and “Mental State” as the base of its treatment regimes and therefore is the apt option and solution for the problem for Reduced / weak Memory Power.

Anger, Worry, Annoyance, Depression, Sexuality, Fear, Confusion, Hopelessness etc. are the types of mind related problems which not only cause illness to one’s body, but to brain too and, as a result failure is encountered at each step. Homeopathic Medicines are absolutely able to cure such mind related problems. That is why, the main Principle of Homeopathy Treatment is -

"Treat the Patient, not the Disease."


To illustrate the point above, I would like to share a case with you here.

"One day, a couple came to me with their 10 years old son. Their son was quite weak in studies. But, they didn’t come to me for his studies; rather they were upset with his habit of stealing and that of his increasing weight. They said the boy used to steal money in his own house and he was not giving up this habit even after so much scolding, beating & threatening. When, I asked that boy the reason for his behaviour, he told me that, he used those stolen money to buy Toffees for his friends. Then, I asked again, why did you distribute your toffees to your friends? He replied that, he did this because his friends always gave him company and obeyed his orders."

Now, when you think deeper in this case, you find that, the boy has an innate tendency to set himself as a super hero amongst his friends. So, the problem here is not 'stealing' , rather the strong feeling of being a 'super hero'. And, this was the actual reason of stealing. I gave the medicine according to his mental symptoms and as a result, the strong feeling of super hero was removed from his mind, and he started to take interest in study, he left the habit of stealing, and his obesity also decreased to the normal.

Because, my medicine worked at the centre of his mind i.e. the feeling of trying to be super hero, his problems did solve out gradually.

Another Case that I would like to share with you is below:

"A student, preparing for competitive examination was failing in his written examinations for the last two years with a very little margin. He had good knowledge in Math and his memory power was also sound enough but did minor mistakes in Math Paper due to his confusion problem. I prescribed the medicines for his Confusion & Mistakes, and within two months he improved well and in the next examination he succeeded."

In the next few pages I am providing you with a Questionnaire. Read through the options and then tick the options which you think are applicable to you.

At Medy Days, our Team of Doctors have worked on a program, called " Homeopathic Bless for Memory " , and they prepared this program in such a way that each class of our society (from children to old aged) would be benefited. Our Program became successful due to integration of Theory, Practical & all our Experiences incorporated. It consists medicines which are already approved and prescribed for the mind related problems. We just selected the most suitable for you out of those proven medicines according to your problems. These elected medicines do not have any Side Effects, and you can take these medicines with any other medicines which you are already consuming.

May you live a long , healthy and successful life!

Best Wishes!

Medy Days Homeo Hospital Private Limited.

अगर आप एक सफल व्यकित बनना चाहते है, तो उसके लिए स्वस्थ शरीर एवं स्वस्थ मस्तिष्क अर्थात अच्छी यादाश्त या स्मरण शक्ति का होना परम आवश्यक है, क्योंकि अच्छी स्मरण शक्ति एक स्वस्थ मन-मस्तिष्क में ही हो सकती है, ये बात एक डाक्टर होने के नाते मैं भली-भाँति समझता हूँ।

मैं पिछले कई वर्षो से इस स्मरण शक्ति की कमी जैसे जटिल विषय पर लगातार अध्ययन करता आ रहा हूँ। इसके अंतर्गत मैंने कई पढ़ाई करने वाले बच्चों, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले यूवकों, उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों तथा तकनीकी के क्षेत्र में अध्ययन करने वाले छात्रों पर शोध किया और पाया कि इनमें स्मरण शक्ति की कमी की समस्या कम है और अन्य मानसिक, शारीरिक समस्या ज्यादा है, जो कि इन्हें पढ़ाई से विरक्त किये हुए था। लोग पढ़ाई न करने की समस्या को सीधा स्मरण शक्ति की कमजोरी से देखते हैं।

मैंने जब इस समस्या को लेकर कई वर्गों के बच्चों, यूवकों, जवानों, बूढ़ों, प्रतियोगी छात्रों, वकीलों, बिजनेसमैन, शिक्षकों, अभिभावक आदि से बातचीत की तो एक चौंकाने वाली बात सामने आयी कि, इनलोगों में स्मरण शक्ति की समस्या कम थी और मन की दूसरी समस्या ज्यादा थी, जो कि उनके स्मरण शक्ति की मार्ग की सबसे बड़ी बाधक सिद्ध हो रही थी।

अभिभावक या शिक्षक बच्चों के परीक्षा में कम अंक लाने या पूछे गए प्रश्नों का उत्तर न दे पाने के लिए, उनकी स्मरण शक्ति की कमी को उत्तरदायी ठहरा देते हैं, बल्कि मैंने यह शोध में पाया कि बच्चे इसलिए नहीं पढ़ते हैं, क्योंकि बच्चों को विषय कठिन लग रहा था, टी.वी. या कार्टून में लगे रहते थे, खेल में अभिरूचि ज्यादा थी, दोस्तों के साथ मस्ती करना या वक्त बिताना अच्छा लगता था, आज का काम कल पर टालना इत्यादि | हम पाते हैं कि उपरोक्त कारणों का दोषारोपण स्मरण शक्ति की कमी के रूप में कर दी जाती है कई ऐसे प्रतियोगी छात्र मिले जो याद तो अच्छी तरह से कर लेते हैं, पर कन्फ्यूजन के कारण जरा-जरा सी भूल कर बैठते हैं, परिणामत: परीक्षा में बहुत थोड़े अंतरों से असफल रह जाते हैं।

असफलता का कारण केवल स्मरण शक्ति की कमी ही नहीं बल्कि परीक्षा का भय, चिड़चिड़ापन, मन की थकान, आत्म-विश्वास की कमी, शारीरिक अस्वस्थता, असफल होने का भय इत्यादि अनेकों ऐसे कारक है जो आपकी सफलता के मार्ग के बाधक हैं।

यदि इन सभी समस्याओं का निदान दवा के माध्यम से कर दिया जाए तो आप निश्चित रूप में एक सफल व्यक्ति बन सकते हैं और अगर दवा हानि-रहित हो तो दवा का सेवन पूरे आत्म-विश्वास के साथ किया जा सकता है।

पूरे विश्व में उपलब्ध मुख्य चिकित्सा विज्ञान में होमियोपैथी विज्ञान ही एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जो कि हानि रहित और मन को पढ़कर दवा निर्वाचित कर किसी भी रोग का जड़ से इलाज करता है, अत: विश्व में सिर्फ होमियोपैथी ही वह विज्ञान है जिसका आधार मन है।

गुस्सा, चिन्ता, क्रोध, कामुकता, डिप्रेशन, भय, भ्रम, निराशा आदि सब मानसिक विकार है और इन्हीं मानसिक विकारों के कारण आपका तन भी बीमार पड़ता है तथा मस्तिष्क भी अस्वस्थ हो जाता है। जिसका परिणाम आपको कदम-कदम पर असफलता के रूप में मिलता है। 'होमियोपैथिक दवाएँ' इन मानसिक विकारों को दूर करने में पूरी तरह सक्षम है, इसीलिए होमियोपैथिक उपचार पद्धति का मूल सिद्धांत है- होमियोपैथी रोगी का इलाज करता है न कि रोग का.

यह आपके मन का विकार है कि आप सिलेबस देखकर ही हताश हो जाते है और यही हताशा आपकी सोच को निगेटिव कर देती है और आपकी स्मरण शक्ति भी धीरे - धीरे क्षीण होती जाती है। आप इसे कुछ टिप्स के द्वारा कुछ आदतों को बदल कर कम कर सकते है। परंतु पूरी तरह से ठीक नहीं कर सकते, परंतु होमियोपैथिक दवा से इन मानसिक विकारों को पूरी तरह से दूर किया जा सकता है |

उदाहरण के तौर पर मैं अपना एक अनुभव यहाँ बांटना चाहूँगा। एक 10 वर्ष का बच्चा पढ़ने में काफी कमजोर था, उसके माता-पिता किसी के सलाह पर उस बच्चा  को मेरे पास ले कर आए। वस्तुत: वे उस बच्चे की पढ़ाई को लेकर नहीं आए थे बल्कि वो बच्चा अपने ही घर में रोज पैसे चोरी करता था और बार-बार समझाने, डाँटने और मारने पर भी वो ये चोरी की आदत नहीं छोड़ रहा था। जब मैंने उस बच्चे से पूछा की वो चोरी क्यों करता था तो उसने बताया कि वो चोरी ढेर सारी टॉफी खरीदकर अपने दोस्तों में बाँटने के लिए करता था। फिर मैंने उससे पूछा की तुम टॉफी दोस्तों में क्यूँ बाँट देते हो तो उसने कहा कि इससे दोस्त उसके आस-पास रहते है और उसकी बात मानते हैं।

अब जरा इस केस पर गौर करें तो पाएँगे कि उस बच्चे की पूरी मानसिकता अपने को सुपर हीरो बनाए रखने की थी, तो भला वो क्या पढ़ाई करेगा? और क्या पढ़ाई में मन लगाएगा? इस बच्चे का केस चोरी करने की आदत नहीं कहा जा सकता क्योंकि उसके मन के केंद्र में तो दोस्तों में 'सुपर हीरो' बने रहने का गहरा भाव है और यही कारण है कि वह इतनी मार खाते हुए भी या डाँट सूनते हुए भी चोरी करता था।

मैंने जब इसके इस गहरे भाव की दवा दी तो उसके मन से 'सुपर हीरो' बने रहने का भाव कम होता गया और वह पढ़ने में भी मन लगाने लगा। धीरे -धीरे उसका वजन भी कम हो गया। हमारी दवा चूँकी मन के सबसे गहरे भाव अर्थात केंद्र पर काम कर रहा था, इसीलिए धीरे -धीरे उसकी सारी समस्याओं का समाधान हो गया।

अब ऐसे बच्चे को आप कितना रटाएँगे या कितना मारेंगे। ऐसा करने से वह कभी नहीं सुधर पाएगा। पढ़ाई करने के लिए उसको अपने विषय में रूचि पैदा करना होगा। एक और उदाहरण के तौर पर, एक प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करनेवाला छात्र 2  वर्षो  से लिखित परीक्षा  में सिर्फ इसलिए असफल हो रहा था कि क्योंकि उसको गणित में नाम-मात्र की भूल-चूक हो जा रही थी, जबकि उसकी गणित में पकड़ भी अच्छी थी और उसकी स्मरण शक्ति भी अच्छी थी। मैंने उसके 'कन्फ्यूजन और मिस्टेक्स ' की दवा दो महीने चलाई और उसमें पूर्ण सुधार हो गया और परिणामत: वह परीक्षा में सफल हो गया। आप पहले पूरे ध्यान से अच्छी तरह पूरी प्रश्नावली को पढ़ें और जो-जो लक्षण आपकी समस्या से मेल खाते हैं उसे (√)क्लिक करें।

हमारी चिकित्सकों की टीम जो 'होमियोपैथिक ब्लेस फॉर मेमोरी ' प्लान पर काम कर रही है, इस प्लान को इस प्रकार से तैयार कर रही है जिससे हमारे समाज का लगभग हर वर्ग (बच्चे से लेकर बूढ़े तक) लाभान्वित हो सके। हमारा पूरा प्लान प्रैक्टिकल, थ्योरी एवं अनुभव के सम्मिलित प्रयास से सफल हो सकता है। इसमें प्रिस्क्राइब्ड दवा पहले से ही प्रूव्ड(प्रमाणित) दवाएँ सम्मिलित  हैं। हमने उसे सिर्फ आपके समस्याओं के मुताबिक उसके समाधान के लिये निर्वाचित मात्र किया है|  इन निर्वाचित दवाओं का कोई 'साइड इफेक्ट' नहीं है। साथ ही आप हमारी दवा को दूसरी चलने वाली दवाओं के साथ बखूबी ले सकते हैं।

Please Tick Against The Symptoms As It Concerns With You And Leave The Symptoms Which Are Not Relevant To You.
कृपया संबंधित लक्षणों के आगे अपनी समस्या अनुरुप सही का निशान लगा दें| जो लक्षण आपसे संबंधित न हो उसे छोड़ दें|
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  • Forgets the content, topic of conversation while still conversing.
    बात करते-करते विषय वस्तु भूल जाना|
  • Forgets Letter, Words While Writing.
    लिखते समय शब्द या अक्षर भूल जाना|
  • Lack Of Thoughtful, Insightful Thinking On A Topic, Hence Attempting To Avoid Conversation, Discussions.
    किसी विषय पर ध्यानपूर्वक सोचने की कमी,जिससे किसी विषय पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं|
  • Possessing excessive anger.
    अत्यधिक क्रोधी|
  • Excessive stubbornness , doesn’t want to listen to anybody.
    अधिक जिद्दी, किसी का बात नहीं मानते|
  • Lack of sleep / difficulty in sleeping.
    नींद की कमी|
  • Dejection / depression upon seeing the vastness of syllabus, admitting failure just by looking at the task ahead.
    कठिन सिलेबस देखकर हताश हो जाना और यह सोचना कि यह हमसे नहीं होगा|
  • Lack of self-confidence.
    आत्मविश्वास की कमी |
  • Laziness, tends to avoid responsibilities, doesn’t feel like working at all.
    आलसपन, किसी भी कार्य का उत्तरदायित्व न लेना, कोई काम करने की इच्छा न करना|
  • Takes a lot of time in understanding, grasping a topic/ subject.
    सोचने-समझने में काफी वक्त लगता है|
  • Experiences headache upon thinking too much, exercising mind, doing mental work.
    मानसिक श्रम करते समय सिरदर्द होना|
  • Experiences vertigo like symptoms upon thinking too much, exercising mind, doing mental work.
    मानसिक श्रम करते समय चक्कर आना|
  • Unable to focus on work/ studies as is unable to come out of a shocking experience( tragedy / death of a loved one )
    किसी की मृत्यु,सदमा या दुर्घटना का असर उसके दिमाग में बैठ जाने के कारण पढाई में मन न लगना|
  • Excessive yawning, feeling sleepy while studying.
    पढ़ते समय ऊंघना या सोने का मन करना |
  • Studying, just for show off or simply to quickly finish off the homework.
    केवल दिखाने या होमवर्क करने मात्र के लिए पढ़ाई करना|
  • Getting the work/ homework done because of compulsion or fear of consequences, rather than out of interest.
    कार्य को इच्छा से नहीं; बल्कि डर से पूरा करना|
  • Acts cowardly, succumbs to peer pressure.
    आपका बच्चा डरपोक है अथवा किसी के धौंस में जल्दी आ जाता है|
  • Scared of teacher / guardian
    अभिभावक या शिक्षक का डर|
  • Fear of darkness/ ghosts etc
    अँधेरे या भूत का डर|
  • Fear of cockroaches/ lizards/ cats etc.
    तिलचट्टे,छिपकली,बिल्ली इत्यादी का डर|
  • Often experiences scary dreams.
    डरावने सपने देखना|
  • Sleep-talking.
    नींद में बड़बड़ाना या बात करना |
  • Scared of speaking in public / on a stage.
    मंच(स्टेज) पर बोलने का भय|
  • Scared of Examination.
    परीक्षा का भय|
  • Is unable to understand / grasp in spite of multiple attempts by the teacher.
    शिक्षकों के समझाने पर भी कु्छ समझ में न आना|
  • Tends to avoid studies, in spite of being intellectual or having a good memory.
    स्मरण शक्ति अच्छी होते हुए भी पढ़ाई से दूर भागना|
  • Unable to memorize a topic, in spite of sincere efforts in by-hearting it.
    खूब पढ़ने के बावजूद याद न कर पाना|
  • Forgets whatever has been taught/ studied/memorized with 1-2 hours of memorizing it.
    याद करने के एक-दो घंटे बाद से ही भूल जाना कि क्या पढ़ा था|
  • Fear of school ( due to whichever reason).
    स्कूल का डर|
  • Generates excuses so as to escape studies.
    पढ़ाई से बचने के लिए कई बहाने बनाना|
  • Unable to answer a question, in spite of having learnt / memorized the topic.
    याद किए हुए प्रश्नों का उत्तर भी क्लास में न दे पाना|
  • Remembers the topic/ answers upon being asked, but is not able to recall in class/ examination.
    किसी के पूछने या परीक्षा हाल में याद नहीं आता और बाद में याद आ जाता है|
  • Doesn’t concentrate in studies, tends to watch television or play during study hours.
    पढ़ाई में ध्यान न देना अथवा पढ़ाई के वक्त टेलीविजन देखना या खेलना|
  • Doesn’t want to participate in social or cultural programmes.
    किसी भी प्रकार के सामाजिक क्रिया-कलाप या सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग नहीं लेना|
  • Doesn’t want to start/ initiate any work because of fear of failure, always affected with low confidence and low self esteem.
    असफल होने जाने के डर से किसी काम में हाथ ही नहीं लगाते,हमेशा हीन भावना से ग्रसित रहते हैं और इसी कारण से किसी काम की शुरुआत भी नहीं करते|
  • Tends to postpone work.
    आज का काम कल पर टालने की प्रबृति|
  • Cannot sit for studies for more than half or one hour.
    आधे या एक घंटे से अधिक पढ़ाई के लिए नहीं बैठ सकता|
  • Can remember small topics but unable to retain if studying for too long.
    थोड़ी देर की पढ़ाई तो याद रहती है, परंतु ज्यादा देर तक पढ़ने पर कुछ याद नहीं रहता|
  • Is hyperactive, naughty, tends to break things etc.
    बच्चा अत्यधिक चंचल,शरारती एवं तोड़फोड़ करने वाला स्वाभाव का होना|
  • Absent mindedness while studying, is studying a topic, but mentally associates with other story, with another and so on, mentally deviates from what he has been studying.
    पढ़ाई करते-करते अचानक कहीं खो जाना
  • Forgets topics that have been learnt and well revised, upon seeing the question paper or upon being asked by the examiner; however can answer the same when at home and when relaxed.
    अच्छी तरह से याद की हुई चीज भी शिक्षक के द्वारा पू्छे जाने पर अथवा परीक्षा के प्रश्न-पत्र देखते ही भूल जाना,हलांकि याद करके अपने मित्रों या परिवार वालों को बिल्कुल सही-सही सुना देते हैं|
  • Realizes the importance of studies and keeps studying for hours, yet is unable to retain all that information.
    पढ़ाई के प्रति काफी सजग और घंटों पढ़ते रहते हैं फिर भी नहीं याद कर पाते|
  • Quite weak in studies, does the homework by copying from others.
    पढ़ाई में बिलकुल कमजोर है और अपना होमर्वक भी दुसरे की नकल करके बनाते हैं|
  • Sits for studies only upon being scolded, repeatedly told to do so.
    जब कोई पढ़ाई के लिए दबाब देता है,डाँटता है, या पढ़ाने के लिए बै्ठता है तभी तक के लिए पढ़ाई करने बैठते हैं|
  • Sits and stares at the book for hours but unable to remember or retain things that have been studied.
    पढ़ने या याद करने के नाम पर केवल वह किताब को बिना ध्यान दिये पढ़ते हैं|
  • Performs daily chores like cleaning, dusting, running errands with full devotion but cannot convince self to sit and study.
    पढ़ाई को छोड़कर हर काम जैसे बाजार जाना, साफ-सफाई करना इत्यादी पूरे मन से जल्दी-जल्दी करना, पर पढ़ाई करने में मन नहीं लगना|
  • Performs okay in other subjects but goes stray doesn’t study the topic/ subject he doesn’t like.
    वह उसी पीरियड में बहाने बनाता है जिस विषय की पढ़ाई उसे या तो समझ नहीं आती या उसमें उसका मन नहीं लगता|
  • Is otherwise a good student, but because of the poor living conditions / poor nutrition status of the hostel is not able to focus on studies.
    बहुत तेज एवं अच्छा विद्यार्थी होने के बावजूद भी अवासीय विद्यालयों में अपर्याप्त या अच्छा खाना नहीं मिल पाने के कारण पढ़ाई में मन नहीं लगा पाते|
  • Is good in ‘ by-hearting’ subjects / topics , however is unable to understand / comprehend the topic completely.
    रटने में महारथी परंतु समझने में अक्षम|
  • Are apt and fit for your profession, however because of low self confidence, are unable to come up, or unable to perform your best.
    आत्मविश्वास की कमी होने के कारण आप एक अच्छे लेखक, अभिनेता, गायक,कलाकार,इंजीनीयर, डॉक्टर या किसी भी क्षेत्र में पूरी क्षमता रहते हुए भी अपने को आगे उभार नहीं पाते|
  • Tends to find fault with others; not able or willing to introspect, hence always gets into conflict, quarrel with others.
    दुसरों में हमेशा गलती निकालते रहना अपनी गलती का एह्सास नहीं करना और इसके कारण बहस करते रहने की आदत|
  • Unable to successfully clear interviews because of nervousness / fear of interviews.
    इंटरव्यू फोबिया,नर्वसनेस या इंटरव्यू देने के डर के कारण किसी भी इंटरव्यू में सफल न हो पाना |
  • Has good understanding, grasp of the topic / subject, but unable to perform well in exam because of minute errors.
    अच्छी तरह से विषय वस्तु की जानकारी होते हुए भी परीक्षा में नाम मात्र या छोटी-छोटी गलती कर बैठना |
  • Unable to choose between options between options, tends to get confused often.
    दो विकल्पों में किसी विकल्प को ना चुन पाना या उलझन या विस्मय में रहना |
  • Feels stress while studying.
    पढ़ाई के दौरान तनाव मह्सुस करना |
  • Performs well in physical tasks but tends to avoid mental / intellectual tasks.
    शारीरिक कार्य को पुरे मन से करना, परंतु मानसिक कार्य से बचना |
  • Has a tendency to write, copy not to read or understand or grasp the subject.
    केवल लिखने की इच्छा,पढने या याद करने का नहीं |
  • Has a tendency to read mostly. Not to write down.
    केवल पढ़ने की इच्छा करना, परंतु कुछ भी लिखने से कतराना |
  • Scared to appear for further interviews, because of failure in the previous one.
    पिछले इंटरव्यू में असफल होने के कारण उसके सोच से ही पु्नः किसी साक्षात्कार के लिए तैयार न होना |
  • Is quite stresses, worried about the results in the post- examination period.
    परीक्षा के बाद अच्छे परिणाम को लेकर चिंतित रहना | कमजोर विद्यार्थी को हमेशा अपने असफल होने का डर लगा रहता है |
  • Reduced memory, grasping power because of over-indulgence in sexual activities / masturbation.
    अत्यधिक काम - क्रिया (सेक्स) के कारण स्मरण शक्ति क्षीण हो जाना |
  • Gets nervous in interviews, counseling sessions.
    किसी भी इंटरव्यू में या कहीं प्रवेश से पहले लिए जाने वाले काउंसिलिंग में नर्वस हो जाना |
  • Fear of stage; hence avoids participation in debates, extempore, cultural activities.
    मंच का डर, फलस्वरुप किसी प्रकार के वाद-विवाद प्रतियोगिता या भाषण में सम्मिलित होने से बचने की प्रवृति |
  • Irritated or worried because of poor performance in previous exams.
    पिछले परीक्षा में प्राप्त कम अंकों को लेकर हमेशा खिन्न रहना या चिंतित महसुस करना |
  • Irritated or angry because of failure to memorize a topic / subject , in spite of multiple attempts.
    याद करने पर भी याद न होने पर गुस्सा करना, चिड़चिड़ा जाना |
  • Weak memory or performance owing to over exertion, excess physical or excess mental work.
    अत्यधिक काम का बोझ, अत्यधिक भाग दौड़ एवं मानसिक थकान से याददास्त कमजोर हो जाना |
  • Weak memory/ performance because of Financial troubles.
    पैसे की तंगी के कारण उत्पन्न तनाव में रहने से याददास्त कमजोर हो जाता है |
  • Weak memory/performance because of grief/ depression.
    डिप्रेशन में रहने अथवा हमेंशा मन उदास रहने से याददास्त कमजोर हो जाता है |
  • Weak memory/ performance because of Anxiety.
    अत्यधिक चिंता से याददास्त कमजोर हो जाना |
  • Tends to forget names of person, place …things kept in specific place etc.
    परिचित व्यक्ति का नाम भूल जाना, पता , तिथि, खूद के द्वारा रखा गया सामान आदि भूल जाना यहाँ तक कि क्या करना है यह भी भूल जाना |
  • Weak/ reduced or total loss of memory ( Alzheimer’s disease).
    कमजोर स्मरण शक्ति या स्मरण शक्ति का खत्म हो जाना |(अलजाइमर्स)
  • Gradual reduction in memory owing to old age.
    जैसे - जैसे बुढ़े होते जाते हैं, याददास्त कमजोर होती जाती है |
If You Are A Student And Are Particularly Scared Of Any Of The Below Subjects, Please Tick Accordingly.
किसी विषय विशेष को लेकर कमजोरी या भय
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  • Mathematics
    गणित
  • Geometry
    ज्योमिट्री
  • Chemistry
    रसायनशात्र
  • Physics
    भौतिकी
  • Philosophy
    तर्कशास्त्र
  • Geography
    भूगोल
  • General knowledge
    समान्य ज्ञान
Additional Information, As Applicable, With Regards Reduced Memory/ Mental Abilities.
याददास्त खोने के कुछ कारण
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  • History of serious injury to head
    सिर पर गहरे चोट के कारण |
  • History/ episodes of madness / insanity
    पागलपन के कारण |
  • Memory loss – sudden onset / idiopathic
    अचानक से याददास्त खो जाना |
  • History of epilepsy
    मिर्गी के कारण |
  • Reduced/ lost memory because of chronic illness
    लंबी बीमारी के कारण याददास्त कमजोर |
Please Let Us Know If You / The Patient Suffers From Reduced Or Lost Self- Confidence Because Of Any Of The Below Reasons.
आत्मविश्वास की कमी
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  • Fear of failure / shy by nature
    डर या शर्मीलापन के कारण |
  • Accepts defeat quite easily
    बहुत जल्दी हार मानने वाला |
  • Does not initiate on own, seeks permission / advice for everything
    प्रत्येक काम दूसरों से पू्छकर करना |
  • Possess ability / potentiality but lacks the confidence
    कार्य करने की क्षमता हो लेकिन अपने पर विश्वास न हो |
  • Switches jobs/subjects / profession very often
    बार-बार व्यवसाय या विषय या प्रोफेशन बदलने वाला |
What Do You / The Patient Think Is The Reason Of Your/ Patient’s Lack Of Concentration?
एकाग्राचितता की कमी
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  • Not interested in studies
    पढ़ने-लिखने के समय |
  • Mental tiredness / fatigue
    मानसिक थकावट के कारण |
  • Mostly in confusion ( what to do now , which subject to choose , what next )
    जब दुविधा में हो (क्या पढ़े या क्या करें ) |
  • Perception of head going completely blank
    जब लगे के सिर एकदम से खाली हो गया है |
  • Jumping from one thought to the other ( mental straying)
    जब विचार-पर-विचार लगातार आए |
  • Excessive responsibility on your shoulder owing to your designation at work / office
    अगर आप किसी बहुत बड़े जिम्मेवार हों, जैसे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्र, कंपनी का मालिक या ऐसे ऊंचे पद पर हों |
  • Tendency to get lost, brooding over the past most of the times
    जब किसी पुरानी घटनाओं में खो जाने की प्रवृति |
  • Tendency to ‘count your chicken before they hatch’ ; making too many plans without any solid base
    जब किसी भविष्य की घटनाओं में खोए हों |
  • Due to tension at home.
    घर में परिवारिक कलह आदि
  • Home sickness, therefore poor academic performance
    घर में परिवारिक कलह आदि के कारण पढ़ने में मन न लगना |
Important Disclosure
मुख्य जानकारी यदि उपलब्द हों तो बताएं
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  •  Are you suffering from any ongoing / acute medical problem?   Please specify
     कोई रोग से पीड़ित हो या इलाज चल रहा हो, बीमारी का नाम लिखें |
  •  Any History of Chronic diseases? Please specify
     कोई गंभीर बीमारी का इतिहास रहा हो तो बताऐं |
  •  Are you undergoing treatment/ medication or have you had surgery for any medical condition?  Please specify the treatment / medication
     अभी कोई अन्य दवा या चिकित्सा चल रहा हो तो लिखें |
  •  Have you been diagnosed as vitamin deficient?  please specify
     किसी विटामिन की कमी हो तो लिखें |
  •  Kindly let us know, in your own words, any specific details of your problem, that you would like to share with us
     इसके अलावे कोई जानकारी, कष्ट या मानसिक लक्षण हो और बताना चाहते हैं तो कृपया लिखें |


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Jhumari Telaiya, Dist-Koderma

State - Jharkhand

India

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E-mail: info@medydays.com

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